पिछले कुछ वर्षों से पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर और जैसलमेर जिलों में सोलर परियोजनाओं के नाम पर खेजड़ी वृक्षों की कटाई को लेकर विवाद बढ़ रहा था। स्थानीय ग्रामीणों, बिश्नोई समाज और संत समुदाय ने इसे मरुस्थलीय पारिस्थितिकी के लिए गंभीर खतरा बताया।
राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जब तक नया कानून लागू नहीं होता, तब तक खेजड़ी की कटाई पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी। अवैध कटाई पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह आंदोलन बीकानेर कलेक्ट्रेट के सामने 11 दिनों तक चला। विभिन्न सामाजिक संगठनों, किसान समूहों और युवाओं ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण धरना दिया। अंततः मंत्री के.के. बिश्नोई सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शासन सचिव का आधिकारिक आदेश सौंपा।
विशेषज्ञों के अनुसार खेजड़ी वृक्ष मरुस्थल में मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, पशुओं के चारे और स्थानीय जलवायु संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी जड़ें भूमि में गहराई तक जाकर नमी बनाए रखती हैं।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने विधानसभा में ‘ट्री प्रोटेक्शन एक्ट’ लाने का आश्वासन दिया है। इस कानून के लागू होने के बाद खेजड़ी की सुरक्षा को कानूनी ढांचा मिलेगा और अवैध कटाई पर कठोर दंड निर्धारित किए जाएंगे।
इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद आंदोलनकारियों ने महापड़ाव को स्थगित कर दिया है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि कानून लागू होने तक वे सतर्क रहेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला सरकार के लिए भी सकारात्मक संदेश है। इससे ग्रामीण और पर्यावरण समर्थक वर्ग में विश्वास बढ़ेगा।
पर्यावरणविदों ने कहा कि यह केवल शुरुआत है। अब आवश्यकता है कि प्रदेश के अन्य पारंपरिक वृक्षों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी दीर्घकालिक नीति बनाई जाए।
खेजड़ी का महत्व केवल धार्मिक या सांस्कृतिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पेड़ कम पानी में जीवित रहता है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से लड़ने में सहायक है।
आने वाले समय में यदि प्रस्तावित कानून पारित होता है तो यह राजस्थान को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल कर सकता है।
Prem Chand is the Chief Editor of NewsExcel Media. He covers governance, rural development, and environmental issues across Rajasthan with a focus on grassroots reporting.



